उत्तर भारत में मौसम की पूरी स्थिति
भारत में इस सप्ताह मौसम बेहद कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे की वजह से प्रभावित है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अपडेट के अनुसार 5 से 7 जनवरी 2026 के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।यह अलर्ट विशेषकर अत्यधिक घने कोहरे, तापमान में तेजी से गिरावट और दृश्यता में गंभीर कमी के कारण लागू किया गया है।
यह कड़ाके की ठंड केवल शहरों तक सीमित नहीं है बल्कि गांवों, पुलों, फसली इलाकों और हाईवे क्षेत्रों तक फैल रही है, जिससे जनजीवन और परिवहन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
मुख्य रूप से प्रभावित क्षेत्र
IMD के बुलेटिन के अनुसार निम्न क्षेत्रों में ठंड, कोहरा और शीतलहर के प्रभाव का अनुमान है:
1. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़
इन राज्यों में सुबह-शाम घना से बहुत घना कोहरा छाया रहेगा और न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है। शीतलहर की स्थिति बनी रहने के कारण Cold Day स्थिति का खतरा भी है।
2. दिल्ली-NCR
राजधानी क्षेत्र में भी सुबह-सुबह दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है, जिससे हवाई, सड़क व रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। न्यूनतम तापमान 7-9°C के बीच रहने का अनुमान है।
3. उत्तर प्रदेश और बिहार
पूर्वी यूपी में कोहरा 8 जनवरी तक जारी रह सकता है और कुछ स्थानों पर शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। बिहार के मैदानी इलाकों में भी इसी तरह कोहरे का प्रभाव देखा जा रहा है।
4. राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश
शीतलहर के साथ कोहरा सुबह-शाम तक गहरा रहेगा। पश्चिम राजस्थान में भी सर्दी लगातार बढ़ रही है।
कोहरा और सर्दी का कारण
इस बार मौसम की स्थिति को प्रभावित करने वाले मुख्य कारणों में शामिल हैं:
- उत्तर-पश्चिम दिशा से पहुँची ठंडी हवाएँ
- पहाड़ी इलाकों से शुष्क और ठंडी हवाओं का परिसंचरण
- पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना
- इन सभी के कारण घना कोहरा और ठंड का समय लंबा चला रहा है।
राहत की सम्भावना
मौसम विभाग का अनुमान है कि फरवरी के मध्य तक तापमान में धीरे-धीरे सुधार आने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल पहले सप्ताह के अंत तक ठंड और कोहरे की स्थिति कायम रह सकती है।
निष्कर्ष
उत्तर भारत इस हफ्ते बेहद ठंड और कोहरे की स्थिति का सामना कर रहा है। 5 से 7 जनवरी के बीच ऑरेंज अलर्ट जारी होने से स्पष्ट है कि मौसम सामान्य से कहीं अधिक ठंडा और चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। जनजीवन, यातायात और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।





